कहा - निस्वार्थी राष्ट्र सेवा व राष्ट्रभक्ति का डीएनए राहुल गांधी में मौजूद
पुणे, 20 जून । कांग्रेस नेता एवं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने कहा कि कभी भारत विभिन्न रियासतों, निजामशाही, मुगल शासन और अंततः ब्रिटिश गुलामी में जकड़ा हुआ था। महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद, भगत सिंह, राजगुरु सहित कांग्रेस नेताओं तथा हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और लंबे संघर्ष के परिणामस्वरूप स्वतंत्र भारत का निर्माण हुआ। इसलिए स्वतंत्र भारत को लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने का श्रेय निर्विवाद रूप से कांग्रेस को जाता है।
वे महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों ऋत्विक धनवट, अक्षय कांबले तथा उनके सहयोगियों द्वारा राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित फोटो प्रदर्शनी के समापन समारोह में बोल रहे थे। प्रदर्शनी में राहुल गांधी के जीवन, उनके संघर्षों, जनसंपर्क अभियानों तथा व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ नेता उल्हासदादा पवार, मोहन जोशी, पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जगताप तथा दीप्ती चौधरी की उपस्थिति में बालासाहेब ठाकरे कला दालन में किया गया था।
किसी अवसर पर बोलते हुए गोपालदादा तिवारी ने आगे कहा कि गांधी-नेहरू परिवार ने राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी को निभाते हुए महात्मा गांधी के लोककल्याणकारी राज्य की अवधारणा को साकार किया, संवैधानिक लोकतंत्र को मजबूत किया तथा देशभर में राष्ट्रीय संपत्तियों का व्यापक ढांचा खड़ा किया। देश की एकता और अखंडता के लिए इस परिवार ने अनेक बलिदान दिए, जिसके कारण समय-समय पर उनका नेतृत्व देश में स्थापित हुआ।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व किसी वंशानुगत अधिकार के कारण नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में किए गए निरंतर संघर्ष के कारण उभर रहा है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीटों में हुई उल्लेखनीय वृद्धि इस नेतृत्व के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी के व्यक्तित्व में संकीर्ण स्वार्थ नहीं, बल्कि व्यापक राष्ट्रहित का संस्कार है। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने लगभग 12,000 किलोमीटर लंबी भारत यात्रा भीषण गर्मी, सर्दी और वर्षा की परवाह किए बिना पूरी की। उनका विश्वास है कि यह जनसमर्पण और राष्ट्रसेवा भविष्य में उन्हें और अधिक जनसमर्थन दिलाएगी।
उन्होंने कहा कि 60 वर्षों के राष्ट्रनिर्माण, विकास और जनसेवा की विरासत पर 12 वर्षों की सत्ता आधारित राजनीति हावी नहीं हो सकती। नेहरू-गांधी परिवार पर वर्षों तक लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप आज तक सिद्ध नहीं हो सके हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से मिली निस्वार्थ राष्ट्रसेवा एवं देशभक्ति की विरासत राहुल गांधी में भी विद्यमान है।
समापन समारोह में सिद्धार्थ जांभूळकर, साहेबराव क्षीरसागर, एडवोकेट श्रीकांत पाटील, लक्ष्मीकांत हुंडेकर, राजेश सुतार सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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