बगावत की आशंका के बीच भाजपा की रणनीति: सूची घोषित किए बिना व्यक्तिगत फोन कर उम्मीदवारों से भरवाए जा रहे नामांकन
लवकुश तिवारी
वरिष्ठ पत्रकार
पुणे। पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) चुनाव में लगातार दूसरी बार जीत का भरोसा जताने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार अंदरूनी असंतोष और संभावित बगावत को लेकर सतर्क नजर आ रही है। इसी के चलते पार्टी ने अब तक आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी न करते हुए चुनिंदा नेताओं को व्यक्तिगत रूप से फोन कर उम्मीदवारता पत्र सौंपे हैं और उनसे नामांकन दाखिल करने को कहा है।
महानगरपालिका चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि मंगलवार दोपहर है। ऐसे में शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। खासकर भाजपा के कई इच्छुक उम्मीदवार पार्टी नेतृत्व से मिले व्यक्तिगत संदेश या फोन कॉल के बाद नामांकन दाखिल कर रहे हैं, जबकि पार्टी ने अब तक सार्वजनिक रूप से उम्मीदवारों की सूची घोषित नहीं की है।
भाजपा के नगर निगम चुनाव संयोजक गणेश बिडकर ने कहा, “पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवारों की सूची घोषित करेगी।” बिडकर स्वयं भी पीएमसी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पार्टी की ओर से आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। “मुख्यमंत्री समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुझ पर भरोसा जताया, इसके लिए मैं आभारी हूं,” उन्होंने कहा।
भाजपा इस चुनाव में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन में मैदान में उतर रही है। पार्टी के सामने ‘उम्मीदवारों की भरमार’ की स्थिति है। 165 सीटों वाली पुणे महानगरपालिका के लिए भाजपा को 2,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा कुछ सीटें गठबंधन सहयोगी शिवसेना और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के लिए भी छोड़ी जानी हैं।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया, “पार्टी ने आधिकारिक उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर नामांकन भरने के लिए कहा है। आज (सोमवार) कई उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर रहे हैं।”
अब तक नामांकन दाखिल करने वालों में भाजपा के योगेश मुलिक और महेश वाबले तथा शिवसेना के उल्हास बागुल शामिल हैं। मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि टिकट न मिलने से कुछ नेता नाराज हो सकते हैं और वे अन्य दलों से चुनाव लड़ने का रास्ता अपना सकते हैं। इसी आशंका के चलते पार्टी सतर्क रणनीति अपना रही है।
इधर, गठबंधन सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि भाजपा उन्हें “गुमराह” कर रही है। एक आरपीआई(ए) कार्यकर्ता ने कहा, “अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि भाजपा ने हमारे लिए कितनी सीटें छोड़ी हैं, जबकि हमारे उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर रहे हैं।”
इस बीच, अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के एक नेता ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी भी रणनीति के तहत अपनी अंतिम उम्मीदवार सूची जारी करने में देरी करेगी, ताकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों से नाराज नेताओं को अपने पक्ष में लाया जा सके।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 के पुणे महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने 125 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था और 98 सीटों पर विजय हासिल की थी। इस बार पार्टी उसी प्रदर्शन को दोहराने के साथ-साथ भीतरघात की आशंका से निपटने की तैयारी में जुटी है।
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